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कल्पवृक्ष का हैण्ड वाशिंग डे

कल्पवृक्ष का हैण्ड वाशिंग डे

कहते है कि किसी भी इंसान की सारी बीमारियां पेट से शुरू होती है पर पेट तक उस बीमारी को पहुंचाते है हमारे हाथ, जिनसे हम खाना खाते है। अगर वही हाथ गंदे रहे तो बीमार पड़ने के चांस काफी ज्यादा होते है। इसलिए हमें अपने हाथ को हमेशा साफ रखना चाहिए। और इसी मुहिम में कल्पवृक्ष एनजीओ ने १५ से २० अक्टूबर, यानि ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे को प्रमोट करने के लिए एक कैंपेन चलाया जिसमें कल्पवृक्ष एनजीओ ने दिल्ली के स्कूलों में, द्वारका की सोसाइटीज में और आसपास के इलाको भरत विहार, नजफगढ़, पालम, उत्तम नगर के एरिया में बच्चों को हाथ धोने के फायदे बताए और हाथो के कैसे और कितने समय तक धोना चाहिए सिखाया |

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14732334_10154521546912332_5336239383016148331_nकल्पवृक्ष ने बच्चों को बताया कि सिर्फ पानी से हाथ धोने से सारे कीटाणु नहीं मरते इसलिए हमें हमेशा साबुन से हाथ धोना चाहिए ताकि सारे के सारे कीटाणु मर सके।

साबुन से हाथ धोने से डायरिया, फूड पॉइजनिंग और पेट की इंफेक्शन जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है। और ऐसा भी माना गया है कि साबुन से हाथ धोने से इन बीमारियों में 30 से 50 % तक गिरावट आती है। इसके अलावा दिन में हमें कई बार साबुन से हाथ धोने चाहिए जैसे टॉयलेट से आने के बाद, हम कुछ भी खा रहे है उससे पहले और उसके खाने के बाद।

क्योंकि आज के बच्चें ही हमारे देश का भविष्य है और अगर हमारे देश का भविष्य स्वस्थ रहेगा तो देश उन्नति करेगा। साबुन से हाथ धोना एक बेसिक सीख है जो कि हर पैरेंट्स और हर स्कूल में बच्चों और स्टूडेंट्स को सिखाई जानी चाहिए। इसलिए कल्पवृक्ष एनजीओ ने इस साल यानि 2016 की थीम ‘हाथ धोने की आदत’ पर ही जोर डाला है ।

कल्पवृक्ष के प्रेजिडेंट डॉ. नितिन शक्या ने ग्लोबल हैंडवॉश डे के मौके पर कहा कि हाथ धोने की आदत अगर किसी को पड़ती है तो वह हमेशा स्वस्थ रहता है। और एक स्वस्थ इंसान बाकी लोगों को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करता है।

वर्ल्ड हैंडवॉशिंग डे के मौके पर बच्चों ने इस एक्टिविटी में काफी पार्टिसिपेट किया और प्रोमिस किया कि आगे से वह हमेशा साबुन से हाथ धोएंगे और सबको सिखाएगे |

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